Demand For Gangajal Increased During Coronavirus Pandemic In Bhopal

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Gangajal Demand Increased: हिंदू धर्म में पूजा-पाठ करने समेत दूसरे धार्मिक क्रियाओं में गंगाजल (Gangajal) का खास महत्व है. कोरोनाकाल के दौरान (Durng Coronavirus Pandemic) गंगाजल की मांग बढ़ने के साथ ही इसकी बिक्री में खासा उछाल आया है. आलम यह है कि कोरोनाकाल से पहले के समय के मुकाबले बीते दो सालों के दौरान भोपाल (Bhopal) में गंगाजल की बिक्री करीब दो गुना तक पहुंच गई है. मध्यप्रदेश के डाक विभाग (Post Office) में देशभर से गंगाजल की मांग में वृद्धि दर्ज की गई है.

डाक विभाग के अधिकारी का कहना है कि लोगों का गंगाजल के प्रति शुद्धता और विश्वास और विश्वास के कारण हमारे काउंटरों पर गंगाजल की बिक्री लगातार बढ़ती जा रही है. 
आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने साल 2016 में देशभर के 22 सर्किलों में डाकघरों से बोतलबंद गंगाजल की बिक्री की योजना शुरू की थी. डाक विभाग गंगाजल की 250 एमएल बोलतों की डिलीवरी करता है, जिसकी कीमत 30 रुपये रखी गई है. गंगाजल को अप्रैल और नवंबर महीने के बीच में एकत्रित किया जाता है. जिस समय चार धाम मंदिरों के मार्ग खुले होते हैं. 

आपको बता दें कि गंगोत्री से गंगाजल को पैक कर उसे देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाया जाता है. इसके बाद डाक विभाग के द्वारा इसका वितरण किया जाता है. लोगों को शुद्ध और कम कीमत पर गंगाजल मिल सके इसके लिए सरकार द्वारा ये पहल की गई है. 

20 डाकघरों में सुविधा शुरू

आपको बता दें कि अकेले भोपाल (Bhopal) में स्थित 60 डाकघरों में से 20 में गंगाजल बेचा जा रहा है. डाक विभाग एक अधिकारी के मुताबिक, कोरोनाकाल से लेकर अब तक गंगाजल की डिमांड लगातार बढ़ रही है. अधिकारी ने बताया कि डाक विभाग के जरिए गंगाजल (Gangajal) की 250 एमएल की एक बोतल की कीमत मात्र 30 रुपए रखी गई है. इस साल अप्रैल महीने में ही डाकघऱों (Post Office) से गंगाजल की कुल 337 बोतलों की बिक्री की गई है. वहीं साल 2019-20 में गंगाजल की 3097 बोतलें बेची गई. तो वहीं साल 2020-21 में गंगाजल की बोतलों में जबरदस्त उछाल आया और इस पूरे साल में गंगाजल की 6085 बोतलों की बिक्री हुई. वहीं साल 2021-22 में गंगाजल की 5494 बोतलें बेची गई. 

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